अगर बिछड़ने से मुस्कुराहट लौट आये तुम्हारी,
ये ज़िंदगी उसे हर रोज़ थोड़ा और रुलाती है…
जैसे सदियों से तेरे ऊपर कोई बोझ थे हम…!!
जो किसी बेपरवाह से बे-पनाह इश्क करते है।
पर किसी ने उसके चेहरे से वो हँसी ही छीन ली,
थक के बैठ जाऊं तो गले से लगा लेना ए जिंदगी अब किसी से उम्मीद नही रही हमें इस फरेबी जमाने में
गैर तो दिल दुखाने की हिम्मत भी नहीं करते।
मुझसे ज्यादा तुझे मेरी आंखें चाहती हैं
कौन कहता है बरबादी किसी के काम नहीं आती
तेरी यादों के साये मुझे हर रोज़ जलाते हैं।
और ज़िंदगी का हर दर्द… चेहरे पर दिखा भी नहीं करता।
तेरी यादों के जख़्म और गहरे हो जाते हैं।
इन ज़ख़्मों से, इन सवालों से बहुत दूर हो जाऊँ…
ये हुनर मैंने बहुत Sad Shayari in Hindi कुछ खो देने के बाद ही सीखा है…!!